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By Zareena Muhammad Rafiq · 69 caption lines · Watch on YouTube
[संगीत] बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम बस्ती से बुलंदी की तरफ प्रवास करती हूं खुदा के नाम से तकरीर का आगाज करती हूं मेरे हम वतन साथियों अस्सलाम वालेकुम मेरे अजीज साथियों [संगीत] एक ऐसा दो और बीता की जिसमें हाकी मैनो में जिंदा लोग मौजूद थे जिन्होंने आजादी के तहरीक के लिए बहुत से खिदमत सरल जान दिए जो आज तो इस दुनिया में नहीं लेकिन फिर भी जिंदा है हमारे दिलों में जिंदा है जी हां मेरे मौजी समीन इसी नुक्ते के जारी मैं आपकी तवज्जो करना चाहती हूं की हमें खुद ही कामयाबी हासिल करनी है मेहनत करें जो तुझे हिट करें क्योंकि यही तो जिंदगी का नाम है मगर अफसोस आज के दूर में जिंदगी तो है लेकिन जिंदा नहीं लव जिंदा वक्त लव्स की हद तक महदूद र गई है इसी वजह से कहना पड़ता है वॉइस यह कॉम की वो पुख्ता अली ना रही वो उनकी वो पुख्ता काली ना रही बरकतें भी ना रही शोला में काली ना रही र गए रस में हजार र है बिल्ली ही ना रही र गए इसमें अदा रहे बिल्ली ना रही यानी वो साहिब ओसाफ हिजाजी ना रही शोर है के हो गए दुनिया से मुसलमान आबूद शोर है के हो गए दुनिया से मुसलमान आबूद हम ये कहते हैं ते भी कभी मुस्लिम मौजूद समीन तारीख गवाह है की उसको हमने तरक्की हासिल
की जिसमें अपने दुनिया आप पैदा करने के जज्बे मौजूद थे सदरे अली वकार जमाना गवाह है की आपके स्थिति करने वालों ने आपको अपने आबू में ले लिया और फिर क्या था ऊपर देखा आसमान नजर आया आसमान में चंद नजर आया चंद ने इंसान नजर आया पूछा माजरा क्या है जवाब मिला इंसानी तरक्की हुआ है सादरी अली वकार नीचे देखा नीचे देखा जमीन नजर आया जमीन में समुद्र नजर आई समुद्र में गहराई नजर आई और गहराई में भी इंसान नजर आया पूछा अरे माजरा क्या है जवाब मिला इंसानी तरक्की हुआ है और यही तरक्की सीख सीख करके ही है अपनी दुनिया आप पैदा कर चुके हम जिंदो में से हैं बहे मत लो कभी हर नहीं करते बहे मत लो कभी हर नहीं करते या वह जीत जाते हैं या कुछ सिख जाते हैं [प्रशंसा] मेरे मोजीज समीन हमें इस मौजो से सीखना है हमें इस मौजो को सच करके दिखाना है की हम जिंदो में से हैं अपनी दुनिया आप पैदा कर चुके हम ही जिंदो में से हैं पुराने माजिद में अल्लाह ताला फॉर्मेट हैं उसको उनकी हालात उसे वक्त तक नहीं बादल शक्ति जब तक की वो खुद अपने हालात को बदलने की कोशिश ना करें मेरे अजीज साथियों कायदा आजम ने क्या खूब फरमाया था मैं अपने मुल्क के जवान बच्चों को तालीम के मैदान में आगे
देखना चाहता हूं मैं चाहता हूं की मेरे मुल्क के जवान बच्चे कामयाबी के तरफ आगे बढ़ और वो सब मिलकर ये का सकें मेरे हाथ में कलाम है मेरे जहां में उजाला मुझे क्या ढाबा सकेगा कोई जुल्म तो कपाल मुझे फिकरे हमने आलम तुझे अपनी इज्जत खान मैं शुरू हो रहा हूं ग्रुप होने वाला मैं शुरू हो रहा हूं तू ग्रुप होने वाला वास सलाम शुक्रिया [प्रशंसा] [संगीत]